tag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post2717185064099314616..comments2008-03-25T19:47:15.926+05:30Comments on मोहल्ला: एक कर्मचारी के हिस्से हर महीने 1476 रुपए की बढ़ोतर...दिलीप मंडलhttp://www.blogger.com/profile/05235621483389626810noreply@blogger.comBlogger10125tag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-46088433759931546992008-03-25T19:47:00.000+05:302008-03-25T19:47:00.000+05:30लेख में कई खुलासे हुए। बताया गया कि कैसे असलियत कु...लेख में कई खुलासे हुए। बताया गया कि कैसे असलियत कुछ और है। लेकिन, ये असलियत सिर्फ़ केन्द्र के कर्मचारियों की है। राज्यों के कर्मचारियों की हालत और खराब है। मध्य प्रदेश के बारे में कम-से-कम जानती हूँ मैं। वहाँ कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों के मुकाबले मंहगाई भत्ते में 11 फ़ीसदी पीछे है। मतलब पूरे देश में मंहगाई बड़ी, मध्य प्रदेश में नहीं। या फिर वहाँ भी केवल केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए मंहगाई बड़ी है राज्य के कर्मचारियों के लिए नहीं। मूल वेतन में हुई इस चालीस फ़ीसदी की बढ़त की असलियत के बाद ये समझा जा सकता है कि अधमरी राज्य सरकार कैसे इस स्थिति से निपटेगी। राज्य कर्मचारियों को यक़ीन है कि पिछली बार की ही तरह इस बार भी शायद आधे से कुछ ज़्यादा मिल जाएगा, मतलब केन्द्र में चालीस बढ़ने पर प्रदेश में बीस या पच्चीस की बढ़ोतरी। कितने संतोषी है राज्य कर्मचारी। एक और गोटी जो प्रदेश सरकार ने चली वो है ख़ुद का एक वेतन आयोग। जो रिपोर्ट देगा 31 दिसम्बर तक। जबकि प्रदेश में नई सरकार बनने की डेड लाइन है 6 दिसम्बर। मतलब ढीकरा आने वाली सरकार पर फूटेगा। राज्य सरकार की कर्मचारियों के प्रति इसी गंभीरता ने मध्य प्रदेश के लोगों को आस्तिक बना दिया है। आखिर वो लोग राम भरोसे जो है।दीप्ति दुबेhttp://mohalla.blogspot.com/2008/01/blog-post_2443.htmlnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-50050720265846117632008-03-25T19:33:00.000+05:302008-03-25T19:33:00.000+05:30वेतन आयोग का सच बस इतना ही नहीं है। जरा गौर से रिप...वेतन आयोग का सच बस इतना ही नहीं है। जरा गौर से रिपोर्ट पढ़ने की जरूरत है। जो भी मिडिल लेवल के कर्मचारी हैं, मसलन अधिकारी वर्ग के डायरेक्टर, उपसचिव स्तर के अधिकारी या फिर क्लेरिकल स्टाफ में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के नीचे वाले लोग... वेतन आयोग की मार सबसे ज्यादा इन पर पड़ी है। इनके HRA और ट्रांसपोर्ट एलाउंस हटा दिए जाएं तो दरअसल इनके वेतन और इंक्रीमेंट पहले से कम हो जाएंगे। <BR/><BR/>जाहिर तौर पर ऐसे खफा लोग अब हड़ताल करेंगे या फिर इसकी धमकी देंगे। कर्मचारियों के एक संगठन ने तो ऐसी धमकी दे दी है, वहीं अधिकारियों के इस वर्ग के लोग तो इतने खफा हैं कि वे कहते हैं कि अगर सरकार या वेतन आयोग को लगता है कि सारा काम ज्वाइंट सेक्रेटरी या इससे ऊपर के ही अधिकारी करते हैं तो फिर उन्हीं से सरकार काम करवा ले, हमारी क्या जरूरत है ... वेतन बढ़ोतरी तो उनकी ही हो रही है तो काम भी वे ही करें।<BR/><BR/>तो जरा मजा भी लीजिए और देखिए कि देश की सबसे शक्तिशाली लॉबी मतलब आईएएस लोग कैसे आपस में ही लड़ने जा रहे हैं। <BR/><BR/>ऐसे वेतन आयोग की रिपोर्ट में ऐसी कई और भी बातें छुपी हैं। बस पढ़ने की जरूरत है। मैं भी पढ़ रहा हूं, आप भी पढ़िए। लिंक ये है - http://india.gov.in/govt/report_index.phpबात बोलेगीhttp://www.blogger.com/profile/04290759395722079635noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-67821818510046231852008-03-25T12:13:00.000+05:302008-03-25T12:13:00.000+05:30पाँचवे वेतन आयोग ने भी छुट्टियां कम करने को कहा था...पाँचवे वेतन आयोग ने भी छुट्टियां कम करने को कहा था, यही छठे आयोग ने भी कहा है, लेकिन कर्मचारी और वाम नेता तनख्वाह तो बढ़वा लेंगे, छुट्टियां कम नहीं करेंगे, और जो 1476 रुपये का हिसाब आप लगा रहे हैं, उसमें राज्य सरकारों के कर्मचारी (जो कि बस अब चिल्लाने ही वाले होंगे कि हमारी भी बढ़ाओ) का हिस्सा भी जोड़िये ना… कुल मिलाकर मक्कार, कामचोर और भ्रष्ट बाबुओं को कुछ न कुछ मिलेगा मानो हम जैसे निम्न-मध्यम वर्ग पर तो महंगाई का बोझ है ही नहीं… उनकी सुनवाई हो रही है, जो संगठित रूप से सरकार के साथ गुंडागर्दी कर सकते हैं…Suresh Chiplunkarhttp://www.blogger.com/profile/02326531486506632298noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-24603282931544682102008-03-25T12:04:00.000+05:302008-03-25T12:04:00.000+05:30बाबूडम ने इस देश का बंटाधार करने में बड़ा योगदान द...बाबूडम ने इस देश का बंटाधार करने में बड़ा योगदान दिया है. जहाँ दो चाहिए वहां पाँच बैठे हैं. सारे रिसोर्सेस मुफ्तखोरी के गटर में बह रहे हैं.Ghost Busterhttp://www.blogger.com/profile/02298445921360730184noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-51475697842674623012008-03-25T11:53:00.000+05:302008-03-25T11:53:00.000+05:30दिलीप जी, आप उन विरले कुछ पत्रकारों में से हैं, जि...दिलीप जी, आप उन विरले कुछ पत्रकारों में से हैं, जिन्होंने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के सच को पकड़ने की कोशिश की है।<BR/><BR/>अधिकतर पत्रकारों ने, खासकर न्यूज चैनलों ने तो इस मामले में एक बार फिर अपने कच्चेपन का ही फूहड़ प्रदर्शन किया है। बगैर रिपोर्ट को ठीक से पढ़े, वास्तविकता को समझे हड़बड़ी में ही रिपोर्टिंग की गई है।Srijan Shilpihttp://www.blogger.com/profile/09572653139404767167noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-26135364996481491402008-03-25T11:40:00.000+05:302008-03-25T11:40:00.000+05:30बाबुओं के परिजनों को वेतन आय़ोग में बेहद दिलचस्पी ह...बाबुओं के परिजनों को वेतन आय़ोग में बेहद दिलचस्पी होती है...Anonymousnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-59999116507728585292008-03-25T09:51:00.000+05:302008-03-25T09:51:00.000+05:30वेतन आयोग की कड़ाही में बाबुओं के लिए मलाई, जेबें ...वेतन आयोग की कड़ाही में बाबुओं के लिए मलाई, जेबें भारी होंगी, छठे वेतन आयोग का तोहफा, जेब भारी करने की सिफारिशें, बोनांज़ा फॉर सेंट्रल गवर्नमेंट स्टाफ, पे पैनल ओपन्स ट्रेज़री ट्रोव फॉर गवर्नमेंट एंप्लॉईज़।....<BR/><BR/> पढ़ कर सबको लगा कि सरकार ने अपने कर्मचारियों को होली के बाद वाले हफ्ते में दीपावली मनाने का मौका दे दिया है। लेकिन सरकारी कर्मचारी किसी भ्रम में नहीं हैं। उन्हें साफ-साफ पता चल गया है कि चुनाव के पहले भी सरकार ने उन्हें रेवड़ियां नहीं बांटी हैं। महज एक मूंगफली से ज्यादा उन्हें कुछ नहीं मिला है। <BR/><BR/>और इस 1476 रुपए के भेदभावपूर्ण बंटवारे और वेतनमानों की तुलनात्मक विसंगतियों का जिक्र भी जल्दी ही शुरू होगा। ऐसा हमेशा होता है कि नासमझ मीडिया के धूम-धड़ाके के बीच गरीब कर्मचारी की मायूस आवाज डूब जाती है।आर. अनुराधाhttp://www.blogger.com/profile/16394670775058734814noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-72863970847342974802008-03-25T00:45:00.000+05:302008-03-25T00:45:00.000+05:30ब्लॉगवाणी के पेज पर दिख रहे आंकड़े और इस पोस्ट के ...ब्लॉगवाणी के पेज पर दिख रहे आंकड़े और इस पोस्ट के आंकड़ों में फर्क दिख रहा है। मोहल्ला की मूल पोस्ट बाद में मैंने अपडेट की है। ब्लॉगवाणी से अनुरोध किया है कि वो इसे अपने पेज पर भी ठीक कर दें।दिलीप मंडलhttp://www.blogger.com/profile/05235621483389626810noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-81025622144812687912008-03-25T00:16:00.000+05:302008-03-25T00:16:00.000+05:30अजित जी, वेतन आयोग की रिपोर्ट में कर्मचारियों पर प...अजित जी, वेतन आयोग की रिपोर्ट में कर्मचारियों पर पैसे बरसाने का जैसा हल्ला मचा है, वो चार दिन में छंट जाएगा। क्योंकि ये 1476 का भी जो हिसाब है वो बराबर नहीं बंटेगा। 12 साल के इंतजार के बाद केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को जो मिला है, वो निराशा पैदा करेगा। अभी इन सिफारिशों के लागू होने से पहले कई तमाशे होने हैं। <BR/><BR/>पत्रकार होने के नाते शक करने की आदत हो गई है, और जहां आम सहमति या कदमताल का स्वर सुनाई देता है, वहां ढूंढने पर अक्सर बड़ा घपला निकल आता है।दिलीप मंडलhttp://www.blogger.com/profile/05235621483389626810noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-2225656928131671963.post-70824634635348337372008-03-24T23:26:00.000+05:302008-03-24T23:26:00.000+05:30सच तो यही है। शुक्रिया, कठिन बात को आसान ढंग से सम...सच तो यही है। शुक्रिया, कठिन बात को आसान ढंग से समझाने के लिए । ये अंक गणित कब बिना रुकावट समझ में आने लगेगा ?अजित वडनेरकरhttp://www.blogger.com/profile/11364804684091635102noreply@blogger.com