Loading mohalla live...
 

Mohalla Live

Mohalla Live


Google की जासूसी का प्रति‍वाद करो, ईमेल करो…

Posted: 15 Nov 2009 01:38 PM PST

जर्मनी में उदय प्रकाश

[16 Nov 2009 | Read Comments | ]
uday prakash front 1 डेस्‍क ♦ कथाकार उदय प्रकाश इन दिनों जर्मनी की यात्रा पर हैं। उनके एक जासूस प्रशंसक ने मोहल्‍ला लाइव के लिए वहां से उनकी दो करतबी तस्‍वीरें हमें भेजी हैं। Read the full story »

ग़रीबों के लिए जूते

[16 Nov 2009 | Read Comments | ]
adidas shoes front डेस्‍क ♦ एडिडास ने गरीबों और दुनिया के नंगे पांव वालों के लिए एक यूरो कीमत वाले जूते के उत्पादन की योजना तैयार की है। इनका उत्पादन अगले साल शुरू हो जाएगा। Read the full story »
जगदीश्‍वर चतुर्वेदी ♦ अब Google अपने सर्च इंजन में आने वाले हर आदमी का हि‍साब रख रहा है। आपकी निजी सूचनाओं का इस्‍तेमाल कभी भी आपके ख़‍िलाफ़ कि‍या जा सकता है। आप सावधान हो जाएं।


गरीबों के लिए 1 यूरो के जूते बनाएगा एडिडास

Posted: 15 Nov 2009 01:33 PM PST

डेस्‍क ♦ जर्मनी की स्पोर्ट शू कंपनी, एडिडास को अब ग़रीबों की चिंता सता रही है। रविवार को एडिडास ने ये सूचना सार्वजनिक की कि उसने गरीबों और दुनिया के नंगे पांव वालों के लिए एक यूरो कीमत वाले जूते के उत्पादन की योजना तैयार की है। इन जूतों का उत्पादन अगले साल बांग्लादेश में शुरू हो जाएगा। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने कंपनी को इस सामाजिक व्यापार परियोजना की सलाह दी है, जो कि आमतौर पर महंगे स्पोर्ट शू का उत्पादन करती है। यूनुस ने एडिडास को सलाह दी कि गरीब दुनिया के लोग ऐसे उत्पाद चाहते हैं, जो सस्ता हो और स्थानीय स्तर पर उत्पादित किया गया हो ताकि उससे रोज़गार भी पैदा हो सके।


जर्मनी में उदय प्रकाश : दो करतबी तस्‍वीरें…

Posted: 15 Nov 2009 12:40 PM PST

डेस्‍क ♦ उदय प्रकाश हमारे समय के एक विलक्षण कथाकार हैं। उनकी मशहूरियत का अंदाज़ा लगा पाना आसान नहीं। वे उन लेखकों की पांत के संभवत: अंतिम स्‍तंभ हैं, जो फ्रीलांसर की तरह जीवन जीने में भरोसा रखते हैं। बंधी बंधायी लीक उनका स्‍वभाव नहीं है और यात्रा के बग़ैर उन्‍हें चैन नहीं हैं। वे घूमते हैं। सरहद के भीतर। सरहद के पार। इन दिनों वे जर्मनी की यात्रा पर हैं। उनके एक जासूस प्रशंसक ने वहां से उनकी दो करतबी तस्‍वीर हमें भेजी है। दोनों तस्‍वीर मोहल्‍ला लाइव के पाठकों की नज़र।


0 comments: