Loading mohalla live...
 

Mohalla Live

Mohalla Live


पत्रकार का बेटा अस्‍पताल में बंधक, मदद कीजिए

Posted: 09 Nov 2009 12:13 AM PST

डेस्‍क ♦ प्रकाश रावत स्पेस चैनल में कैमरा मैन हैं। उनके सात साल के बेटे को डेंगू हो गया। दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में चक्कर लगाया लेकिन किसी ने एडमिट नहीं किया। हालत बिगड़ने पर फोर्टिस अस्‍पताल, वसंत कुंज में भर्ती कराया गया। अब अस्पताल वाले 1 लाख 80 हजार मांग रहे हैं... और पिछले तीन दिनों से जबरन बच्चे को रखे हुए हैं... कि पैसा दो, तब बच्चे को घर जाने देगे। आप चाहें तो प्रकाश से बात कर सकते हैं। उनका नंबर है 9718974111


दर्द के सैलाब-सी शवयात्रा, एनएसडी के ख़‍िलाफ़ नारे लगे

Posted: 08 Nov 2009 01:51 PM PST

अपने अपने पुरुष!

painting front चंडीदत्त शुक्‍ल ♦ नीले बैकग्राउंड वाले चित्र में आवरण-हीन पुरुष की पीठ है। उसमें आंखें हैं और लाल रंग से उकेरी गयीं मछलियां। ये अपनी ज़िम्मेदारियों से भागते पुरुष की चित्त-वृत्ति का पुनर्पाठ ही तो है! Read the full story »

एक हैं करीना कपूर

kareena kapoor front अब्राहम हिंदीवाला ♦ उनमें एक उम्‍फ है, इसलिए पर्दे पर कामुक लगती हैं। इस उम्‍फ में नैसर्गिक सौंदर्य से अधिक उन विशेषज्ञों का योगदान है, जो आजकल हर किसी को आकर्षक बना देते हैं। Read the full story »
अविनाश ♦ पटना के संस्‍कृतिकर्मी नाराज़ हैं कि एनएसडी ने शशि भूषण का खयाल नहीं रखा। उन्‍होंने एक जीवित रंगकर्मी एनएसडी को सौंपा था, एनएसडी ने उसकी मृत देह उन्‍हें लौटाया।


चित्रों ने खोली ज़ुबान, मर्दों के बारे में क्‍या सोचती हैं औरतें

Posted: 08 Nov 2009 01:50 PM PST

चण्डीदत्त शुक्ल ♦ निधि फ़िल्में बनाती हैं, स्कल्पचर और पेंटिंग्स भी। ख़ूबसूरत कविताएं लिखती हैं और ब्लॉगर भी हैं(संयोग से इनकी पेंटिंग्स ही मोहल्ला लाइव के लिए भेजने को मुझे मिल सकी हैं)। निधि पुरुष के उलझाव बयां करती हैं और इस दौरान उसके हिंसक होते जाने की प्रक्रिया भी। समाज के डर से सच स्वीकार करने की ज़िम्मेदारी नहीं स्वीकार करने वाले पुरुष का चेहरा अब सबके सामने है। जहां चेहरा नहीं, वहां उसके तेवर बताती देह। एक चित्र में अख़बार को रजाई की तरह इस्तेमाल कर उसमें छिपे हुए पुरुष के पैर बाहर हैं... जैसे कह रहे हों, मैंने बनावट की बुनावट में खुद को छिपा रखा है, फिर भी चाहता हूं, मेरे पैर छुओ, मेरी बंदिनी बनो!


एक हैं करीना कपूर…

Posted: 08 Nov 2009 01:50 PM PST

अब्राहम हिंदीवाला ♦ हम सभी जानते हैं उन्‍हें। हिंदी फिल्‍मों में कपूर खानदान की विरासत को संभाल रही करीना कपूर उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दम नहीं रखतीं। उनमें दंभ है। उन्‍हें लगता है कि 75 साल में अर्जित कपूर खानदान की प्रतिष्‍ठा का उन्‍हें फायदा तो मिलेगा ही। मिला भी। फिल्‍मों में आयीं तो अच्‍छी शुरुआत नहीं होने पर भी उन्‍हें मौके मिलते रहे। एक ज़माने में उन्‍हें फ्लॉप फिल्‍मों की श्रेष्‍ठ हीरोइन कहा जाता था। अगर उनकी फिल्‍मों पर गौर करें तो ज़्यादातर बिजनेस और क्‍वालिटी के हिसाब से कमज़ोर रही हैं। उन्‍होंने चमेली और ओमकारा जैसी कुछ अच्‍छी फिल्‍में की हैं। इन फिल्‍मों का श्रेय किसे मिलना चाहिए? आप जानते हैं।


0 comments: